NAVRATRI 2020

नवरात्री का आध्यात्मिक रहस्य
भारत में परम्परागत तरीके से नवरात्र मनाया जाता है। नवरात्र का भावनात्मक अर्थ है दुर्गा के नौ रूपों की नौ दिनों तक पूजा-अर्चना और नवरात्र का आध्यात्मि अर्थ है नव या नए युग में प्रवेश करने से ठीक पहले की ऐसी घोर अंधियारी रात्रि, जिसमें शिव, अवतरण लेकर मनुष्यात्माओं के पतित अवचेतन मन (कुसंस्कार) का ज्ञान अमृत द्वारा तरण (उद्धार) कर देते हैं। अवतरण अर्थात्‌ अवचेतन का तरण। ऐसी तरित-आत्माएं फिर चैतन्य देवियों के रूप में प्रत्यक्ष हो कर कलियुगी मनुष्यों का उद्धार करती हैं। इस प्रकार पहले शिवरात्रि होती है, फिर नवरात्रि और फिर नवयुग आता है।

Spiritual Significance of Navaratri
The festival of Navaratri is traditionally celebrated in Bharath (INDIA). During Navaratri, the nine forms of Durga are worshipped in nine days. Navaratri spiritually signifies that God Shiva descends in the darkness of ignorance and brings a new era by transforming evil tendencies through the knowledge of nectar. This is a Spiritual Awakening. The awakened souls are depicted as deities, who uplift the human beings of Kaliyuga (Iron Age). First, Shivaratri is observed, then Navaratri, followed by the dawn of new era.

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